Ramadan 2022: Eid al-Fitr 2022 | रमजान का पवित्र महीना

ईद मुस्लिम समाज का सबसे बड़ा पर्व माना जाता है । एक महीना पूरा रोजा रखने के बाद जब चांद को देखते है

ईद का अर्थ

ईद उल फितर  ये अरबी भाषा का शब्द है जिसका अर्थ होता है festival and the ending fast यानी रोज की समाप्ति का दिन ईद का मतलब होता है खुशी ,भोज ,गले मिलना ,फितर का मतलब होता है रोज की समाप्ति ।फितर शब्द का एक और अलग अर्थ भी होता है जिसका मतलब होता है दान दक्षिणा यानी रोज के महीने में गरीबों को दान दिया जाता है उनको भोजन करवाया जाता है। जिसे जकात नाम से जाना जाता है ।

2022 में ईद कब है

वैसे तो आप जानते हो की ईद चांद देखने के बाद ही मनाया जाता है इस वर्ष ईद 2या 3 मई को मनाया जाएगा ।

मुस्लिम  लोग रोजा क्यों रखते है

मुस्लिम लोगो का मानना है कि रमजान के महीने में रोजा रखने से आत्मा पवित्र होती है और रमजान के महीने में नवाज़  पढ़ने से नरक के दरवाजे बंद होते है और जन्नत के दरवाजे खुल जाते है।पूरे30 दिन कि तपस्या के बाद रमजान के महीने के आखरी दिन जब चांद को देखते है तो उसके अगले दिन ईद मनाया जाता है । ईद का पर्व दुनिया बार मे मुसलमानों का सबसे बड़ा व महत्वपूर्ण पर्व है ।ये पर्व इस्लाम धर्म की परम्पराओं काआइनाहै ये पर्व  प्यार मोहब्बत का पर्व है ।

ऐसी मान्यता है कि रमजान के महीने  में कुरान उतारी गई थी । इसलिए पूरे महीने मुसलमान कुरान पढ़ते है ।

 ईद क्यों मनाया जाता है

हिजरी कैलेंडर के अनुसार 10 वे महीने यानी सबाल के पहले दिन इस त्यौहार को पूरे दुनिया में मनाया जाता है । इस्लामी कैलेंडरमे ये महीना चांद देखने के बाद शुरू होता है जब तक चांद नहीं दिखे तब तक रमजान का महीने खत्म नहीं होता है । इसलिए रमजान के महीने के आखिरी दिन जब चांद दिख जाता है तब उसके अगले दिन ईद मनाया जाता हैं।

ईद क्यों मनाया जाता है कहानी

पैगम्बरमोहम्मदसल्लाहुअली वसलम ने जंगेब्दर के युद्ध में विजय प्राप्त की थी ।उनके विजय होने की खुशी में सबका मुंह मीठा करवाया गया था ।इसी दिन को ईद उलफितर के रूप में मनाया जाता है ।

ऐसी मान्यता है कि 624 ईसवीमें पहला ईद उलफितर मनाया गया था ।पैगम्बरसल् लाहु अली वस्लम ने बताया कि पहले से ही अल्लाह ने कुरान मे पर्व मानने के लिए दो पवित्र दिन बताए है जिन्हें इदुलफितर और इदुलजुहाकहा गया है ।ऐसी मान्यता है कि ईद के एक दिन पहले का चांद देखने से जो भी मन्नते होती है पूरी होती है ।

इस्लाम के 5 मूल भूत सिद्धांत कोनकोन से इस्लाम के कुछ मुख्य सिद्धांत इस प्रकार है
  • मक्का मदीना की हज
  • रोजा
  • दान
  • नमाज़