लाल किले के इतिहास | लाल किला पर निबंध 

लाल किला पुरानी दिल्ली मेस्तिथ है इसका निर्माण मुगल शासन काल में किया गया था ये भारत देश में एक धरोहर के रूप में है ब्रिटिश शासन काल के लगभग सभी कार्यक्रम लाल किले में ही आयोजित किए जाते थे इस समय लाल किला एक पर्यटन स्थल बन गया है इसको देखने के लिए देश के कोनकोन से लोग आते है इसकी दीवारें लाल रंग के बालू के बने पत्थरो से बनी है इस लिए इसे लाल किला कहा जाने लगा। इसको  देखने के लिए विदेशो से भी लोग आते है ।

लाल किला किसने बनवाया

लाल किले का निर्माण पांचवेमुगल शासक शाहजहां ने अपने महल के रूप में 1648ईसवी में करवाया था ।लाल किला पूरी तरह लाल हैउसकाहर  एक पत्थर पूरी तरह से बलुआ रंग का है इस लिए इसे लाल किला कहा गया इस सुंदर और खूबसूरत किले मे पानी की रंग मंच की लाइने बनी हुई हैं जो पानी से जुड़ी हुई है ।ये नहरेबसिहत कही जाती है।ये किला मुगल शासन काल की रचनामकता का प्रतीक माना जाता है ।लाल किले पर मुगलों ने 200 साल तक राज्य किया था ।

लाल  किले का निर्माण किस तरह का है

लाल किले का निर्माण मुस्लिम परम्पराओं और प्रतिमानों को ध्यान में रखते हुए ही इस किले का निर्माण करवाया गया था । लाल किले मे हम मुस्लिम महलो की प्रतिकृतियां दिखाई देती है लाल किले में पश्चिम परम्पराओं की छवि भी दिखाई देती है । 2007 में लाल किले को यूनिस्कोवर्ल्डहेरितेटसाईड में शामिल किया गया था।

लाल किला क्यों बनवाया गया था

शाहजहां एक देहद सुंदर और आकर्षक किला बनवाना चाहते थे उनके द्वारा बनवाए गए सभी किलो में लाल किला बेहद ही सुन्दर और आकर्षक है इस लिए 1638 ईसवी में अपनी राजधानी आगरा को बदलकर दिल्ली कर दिया था और उसके बाद इस किले पर ध्यान देकर तलीनतामे उसको सुन्दर ,आकर्षक और भव्य बनवाया था ।

लाल किले की लंबाई और चौड़ाई

लाल किला लगभग 900 मीटर लंबा और 550 मीटर चौड़ा है इस किले का क्षेत्रफल लगभग 254.67 एकड़ क्षेत्रफल है ।लाल किले को बनने में लगभग 10 साल लगे थे इसकी शुरुआत 1638 मे की गई थी और 1648 मे लाल किला बनकर तैयार हुआ था ।

लाल किले का इतिहास

आप जानते है कि लाल किले का निर्माण शाहजहां ने करवाया था करीब 2.5 एकड़ में फैला हुआ ये भव्य किला है इस किले मे4 गेट है दिल्ली गेट,लाहौरी गेट,यमुना गेट,सलीमगेट।इस जगह से 1947 सबसे पहले पंडित जवाहर लाल नेहरू ने तिरंगा फहराया था तब से लेकर आज तक जो भी प्रधान मंत्री हुए है यही पर सबसे पहले तिरंगा फहराते है और भाषण देते है ।शाहजहां की दो बेटियां और चार बेटे थे ।लाल किले के अंदर मुमताज महल, रंग महल ,नहर वशिष्ट यानी जंत की नहर,खास महल यानी बादशाह के रहने का कमरा ,दीवाने खास ,हमाम यानी रानियों के नहाने कि जगह , मस्जिद,हिरनहेल,शीश महल,किले में कुआ,हयात बकछिबाग,जफर महल आदि इमारतें बनी हुई है जिसका पर्यटक देखकर आंनद लेते है ।

लाल किले के अंदर इमारतें लाल किले के अंदर कुछ खास इमारतें है
  • रंग महल लालकिले में एक खूब सूरत इमारत रंग महल इसको सिशल भी कहते है सबसे जो लास्टशासक जो थे वो थे बहादुर शाह ज़फ़र जो कि नाच गाने के बहुत शौकीन थे उन्होंने है रंग महल बनवाया था यहां पर निर्तकिय रहा करती थी ।
  • नहर वशिष्ट यानी जनत की नहर लाल किले में नहर भी है उस समय इसमें  गर्मियों के समय में इसमें पानी छोड़ा जाता था जिससे इस इमारत का टम्प्रेचरठंडा रहता था ।
  • हमाम इसमें रानियों के नहाने की व्यवस्था को गई थी इसमें तीन बाथिंग टब बनाए गए थे ।
  • मोती मस्जिद इसका निर्माण औरंगजेब ने करवाया था ।उसने इसका निर्माण अपनी मेहनत से कि थी।एक और मोती मस्जिद थी जिसका निर्माण शाहजहां ने करवाया था ।जो लाहौर के किले में बना था ।
  • हिरनहेलइसको बहादुर शाह ज़फ़र ने बनवाया था ।यह बैठ के वो आसान किया करते थे।
  • हयात वकक्षीवातहयात का मतलब  जीवन देने वाला इसमें पहले जड़ी बूटियां लगाई जाती थी और इसे से इलाज किया जाता था।
लाल किले की कुछ खास बातें
  • लाल किले की डिजाइन को उस्ताजयेमद लाहौरी ने दिया था ।
  • लाल किले का निर्माण यमुना नदी के तट पर हुआ
  • लाल किला तीन तरफ से नदी से घिरा हुआ है
  • किले का निर्माण मुसलमानों के खास पर्व मुहर्रम पर 13 मई सन् 1638 ईसवीको किया गया ।
  • किले की पहली निवइज्जर खान ने रखी थी ।
  • लाल किले के मुख्य वास्तुकार मुहम्मद लाहौरी और उस्ताद हामिद थे ।
  • लाल किला एक अष्टकोडिय संरचना है किले के अंदर कुछ खूबसूरत इमारतें है ।