उदयपुर का इतिहास

उदयपुर राजस्थान का सबसे सुंदर शहर  उदयपुर है उदयपुर को कश्मीर भी कहा जाता है उदयपुर मे कई छोटी बड़ी झील है इस लिए इसे झीलों की नगरी भी कहा जाता है उदयपुर राजस्थान का सबसे बड़ा पर्यटक स्थल है जिसको देखने के लिए देश के कोने कोने लोग आते है ।उदयपुर शहर पिछोला झील के तट पर बसा है जो उदयपुर की खूबसूरती है ।उदयपुर में मीठी पानी की झिले पाई जाती है।

उदयपुर को कई उपनाम से भी जाना जाता

  • सैलानियों का शहर
  • झीलो की नगरी
  •  द सिटी ऑफ फाउंटेन व माउंटेन
  • पूर्व का वेनिस
  • राजस्थान राज्य का कश्मीर
  • सितारों का शहर

उदयपुर की झीलो के नाम राजस्थान राज्य का उदयपुर एक ऐसा शहर है।जिसके अंदर कई झीले है बल्कि इस शहर का नाम भी उदयसागर झील से मिलता है जिसको उदय सिंह ने खुद बनवाया था ।कुछ झीलों के नाम निम्न लिखित है

  • पिछोला झील यह झील बहुत ही प्राचीन है और बहुत ही खूब सूरत है इस झील का निर्माण दो बंजारो ने मिलकर करवाया था अपनी मरी हुई बहन की याद में जिनका नाम चिडियामार बिक्छूमार था और ये झील पिछोला गांव में स्थिक है ।
  • टेबर झील या जयसमंद झील इस झील का निर्माण मेवाड़ के महाराणा जय सिंह के द्वारा करवाया गया ।इस झील में गोमती नदी का पानी आता है । इस झील के अंदर 7 टापू भी है ।यह एक मीठे पानी की झील है ।
  • फतेहसागरझील ये झील उदयपुर में है जहा पर सौर वैदशाला है ।
  • उदयसागर झील इस झील का निर्माण महाराणा उदय सिंह ने करवाया था ।

उदयपुर का पर्यटक स्थल

  • भारतीय लोक कला संग्रहालय उदयपुर इस संग्रहालय में आपको यहां की कलाए देखने को मिलेंगी इस संग्रहालय में राजस्थान का पहनावा, कठपुतलियों का नृत्य,लोक संगीत , वाद्य यंत्रों का समूची संग्रह किया गया है जिसको देखने के लिए लोग यहां आते हैं।
  • ताज लेक पैलेस उदयपुर यह एक होटल है जिसका निर्माण सफेद पथरो से हुआ है । यह होटल जल के बीच में है इस लिए इसे जल निवास भी कहते है यह पैलेस पिछोला झील में स्थित है ।यह बहुत ही खूब सूरत स्थान है । इसका निर्माण महाराजा जय सिंह दुतिय ने 1746 मे  करवाया था । इस होटल तक वोट की मदद से ही जाते है ।
  • जगदीश मंदिर उदयपुर यह मंदिर भगवान विष्णु का है यह मंदिर उदयपुर मे जादा विख्यात है इस मंदिर का निर्माण महाराणा जगत सिंह के द्वारा 1651 मे करवाया गया था ।मंदिर के अंदर भगवान विष्णु की एक काले पत्थर की भव्य प्रतिमा है ।
  • गुलाब बाग चिड़िया घर  ये बाग उदय पुर का सबसे बड़ा बाग है इस बाग के अंदर चिड़िया घर बनाया गया है ।जिसको देखने के लिए लोग आते है इस बाग के आस पास बहुत से घूमने के लिए स्थान बनाए गए है जिसका पर्यटक आंनद लेते है।
  • बगोरी की हवेली उदयपुर  यह हवेली पिछोला झील के किनारे स्थित है ।इस हवेली का निर्माण 18 वी शताब्दी मे करवाया गया था इस हवेली मे 100 से जादे कमरे है ।
  • बड़ी झील इसे मीठे पानी की झील भी कहते है ।इसे 1652 से 1680 के बीच बनवाया गया था यह झील मानव के द्वारा बनाया गया है
  • मार्वेल वाटर पार्क यह पार्क उदयपुर का सबसे पुराना पार्क है जहा पर लोग आपना समय बिताने के लिए आते है जहा पर आप अपने परिवार के साथ जा सकते है ।
  • मोती महल उदय पुर को जब बसाने के बारे में उदय सिंह ने सोचा था तो सबसे पहले मोती महल को ही बनाया गया था इस महल में सुन्दर कांच की शिल्प करी करी गई है जिससे ये आपने तरफ सबको आकर्षित करता है।
  • सूर्य चौपड़ इस महल में भगवान सूर्य का एक सोने के गहनों से जड़ा हुआ सूर्यमुख बना हुआ है ।जो बहुत ही में मोहक लगता है ।

उदयपुर का इतिहास उदयपुर शहर को महाराणा उदय सिंह ने 1559 ईसवी में स्थापित किया था यह राजस्थान का ही एक शहर है ।इसी शहर को पहले मेवाड़ के नाम से जाना जाता था जहा के राजा महा राणा प्रताप थे जो महाराणा उदय सिंह  के पिता थे इनके राज्य पर मुगल हमले होने  लगे एक बार ये अपने पोते के जान पर भगवान का दर्शन करने गए थे तो उनके मन में अपने परिवार की सुरक्षा की बात आई तो उन्होंने अपने दरबार मे उदय पुर बसाने की बात रखी सबने  सहमति देदी जब उदय पुर बसाने के लिए स्थान खोजा जा रहा था तो सबसे पहले मोती महल का निर्माण किया गया था पिछोला झील के पास मे मोती महल को उदय पुर का पहला महल माना जाता है उसके बाद महाराणा उदय सिंह ने उदयसागर झील का निर्माण करवाया उसके बाद उदयपुर शहर को स्थापित किया गया।

उदयपुर शहर की संस्कृति उदयपुर में शिल्प कला और संस्कृति का अद्भुत समागम देखने को मिलता है यहां पर वर्ष एक शिल्प उत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है जिसमें उदयपुर की नृत्य कला, शिल्पकला ,कठपुतली नृत्य ,हाथो के बने समान ,इत्यादि देखने को मिलते है उदयपुर मे स्थित इमारतों मे भी वस्तु कला और शिल्प कला देखने को मिलता है ।